झूट बोलने में मोदी नहीं राहुल गांधी हैं बादशाह, इस बार तो बोलती ही बंद हो गई

27

मोदी जी चाहे लाख झूट बोलते हो लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जो प्योर झूट बोले हैं उनमे मोदी जी आस पास भी नहीं हैं। राहुल का झूट का बादशाह भी कह सकते हैं इन्होने कितनी बार अपनी पोस्ट डिलीट की हैं वो तो आप गिनती भी नहीं कर सकते ट्वीटर को ये मालूम हो साकता है, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी झूठे हैं। राहुल ने इस को बुधवार को ट्वीट के जरिए दावा किया कि इंग्लिश डिक्शनरी में एक नया शब्द Modilie आया है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक स्क्रीन शॉट भी शेयर किया था। लेकिन ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने ट्वीट कर बताया है कि राहुल झूठ बोल रहे हैं।

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने कहा है कि राहुल का स्क्रीनशॉट फर्जी है और यह शब्द किसी भी डिक्शनरी में शामिल नहीं है। अब जाने भी दो हमने राहुल गांधी के अन्य झूट को उखाड़ने की कोशिश की तो हमें न्यूज़ चैनलों पर इतने झूट मिले कि उनपर एक किताब छापी जा सकती है लेकिन कुछ स्क्रीन शॉट हम आपले लिए लेकर आये जिससे हम आप लोगों को इतना जरूर बता सकते हैं कि राहुल गांधी ने देश की जनता से कितना झूट बोला है। या तो वो छिछोरेपन में ऐसी हरकत करते हैं या फिर उन्हें अभी अक्ल ही नहीं आई है कि कोन सा झूट परोसना चाहिए और कोन सा नहीं आइये आपको उनके झूट के बारे में बताते हैं-

राहुल ने कहा था, सुप्रीम कोर्ट ने माना चौकीदार चोर है। कोर्ट ने झूठ बताया और राहुल ने माफी मांगी। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद के नाम पर झूठ फैलाने की कोशिश की, ओलांद ने ही उस झूठ को एक्सपोज कर दिया। मृत्यु शैया पर लेटे मनोहर पर्रिकर से मिलने के बाद झूठी कहानी बनाई। पर्रिकर ने उनके दावे को झूठा बताकर खारिज कर दिया।

राहुल के कुछ और झूट-

  • gst बिल पास होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने इसको पास करने में सहमति नहीं दी थी, लेकिन हकीकत ये है कि कांग्रेस की सभी राज्य सरकारों ने जीएसटी का समर्थन किया और संसद के दोनों ही सदनों में कांग्रेस ने जीएसटी पास करवाने के लिए पक्ष में वोटिंग भी की थी।
  • राहुल गांधी ने कहा कि संघ परिवार के एक विचारक ने प्रधानमंत्री मोदी को नोटबंदी का विचार दिया था। राहुल गांधी का यह बयान सरासर झूठा है। सच्चाई यह है कि देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और कालाधन पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने काफी गहन विचार-विमर्श के बाद नोटबंदी का ऐलान किया था। रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी भी कह चुके हैं कि नोटबंदी का पहला विचार फरवरी 2016 में आया था और सरकार ने विमुद्रीकरण के बारे में रिजर्व बैंक की राय मांगी थी। 
  • राहुल गांधी कहते रहे हैं कि मोदी सरकार आने के बाद से रायबरेली के साथ भेदभाव किया जाता रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि यूपीए के जमाने में राजीव गांधी के नाम पर रायबरेली में जो पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी स्थापित की गई थी उसे पांच वर्षों के दौरान यूपीए सरकार ने महज 1 करोड़ रुपये दिए थे। जबकि मोदी सरकार ने पहले दो वर्षों में इस यूनीवर्सिटी के लिए 360 करोड़ रुपये देकर इसे एक संस्थान के रूप में विकसित किया। इतना ही नहीं रायबरेली में स्थित इंडियन टेलीकॉम इंडस्ट्रीज नाम का संस्थान बंद होने के कगार पर था और वहां अफसरों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस संस्थान को 500 करोड़ आवंटित कर जीवनदान दिया और 1100 करोड़ रुपये का आर्डर भी दिलाया।
  • गुजरात चुनाव के दौरान राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने उद्योगपति दोस्तों को 45,000 करोड़ एकड़ जमीन दे दी, लेकिन राहुल ने जमीन का जो आंकड़ा बोला वह असंभव है। 45,000 करोड़ एकड़ जमीन इस धरती से भी तीन गुना ज्यादा है। आपको बता दें कि पूरी धरती ही लगभग 13,000 करोड़ एकड़ की है। यह एक फनी जोक जैसा था लोग इसे समझ गए थे लेकिन ऐसा झूट बोलने से पहले सोचना चाहिए। लोग मजाक भी उड़ाते हैं।
  • वर्ष 2017 के सितंबर में राहुल गांधी जब अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या ही 546 बता डाली। जबकि सच्चाई यह है कि लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या 545 है, इनमें से 543 को जनता चुनती है और दो सदस्य (ऐंग्लो-इंडियन) मनोनित किए जाते हैं। आप ही बताइए जो शख्स इतने वर्षों से लोकसभा का सदस्य है, उसे लोकसभा के सदस्यों की संख्या तक नहीं पता है।
  • कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में इंदिरा कैंटीन योजना की लॉन्चिंग में भी राहुल गांधी के ज्ञान पर सवाल उठ गए। पहली बार में उन्होंने योजना का नाम ही गलत बता दिया। जबकि यह योजना उनकी दादी यानी इंदिरा गांधी के नाम पर शुरू हो रही थी, लेकिन राहुल गांधी ने उसे तमिलनाडु में जयललिता के नाम पर चलने वाली अम्मा कैंटीन बता दिया। हालांकि, बाद में उन्हें भूल का अंदाजा हुआ और उन्होंने गलती सुधारने की कोशिश की। लेकिन जिस व्यक्ति में सामान्य ज्ञान का इतना अभाव है उससे क्या उम्मीद की जा सकती है?

राहुल ने पोस्ट किये झूठे आंकड़े-सैकड़ों झूठे ट्वीट राहुल डिलीट करते हैं-

गुजरात में चुनाव के दौरान पोस्ट

गुजरात की महिला साक्षरता के उल्टे आंकड़े दिखाए
3 दिसंबर 2018 चुनाव प्रचार

Statue of Unity सरदार पटेल की प्रतिमा made in China बताया जबकि यह पूरी तरह भारतीय इंजिनीयरों का कमाल है
बिना बात सोच समझ का ट्वीट-योगी ने शिक्षा का बजट 34 प्रतिशत बढ़ाया था कम नहीं हुआ फेक न्यूज़ पर तुरन्त भरोषा कर लेते भाईजान
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here